बरसात में धड़ल्ले से मुरुम खनन! राजू नगर गौठान के पास जेसीबी-पोकलेन से रोज 50–100 ट्रिप निकासी का आरोप।
रॉयल्टी पर्ची मौके पर नहीं, फिर किसके आदेश पर चल रहा खनन? करगी कला तक पहुंच रही मुरुम से भरी हाइवा।
तखतपुर। जनपद पंचायत तखतपुर की ग्राम पंचायत बीजा के आश्रित ग्राम राजू नगर स्थित गौठान के पास शासकीय मुरुम खदान में बरसात के बीच बड़े पैमाने पर मुरुम खनन किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेसीबी और पोकलेन मशीनों से लगातार खुदाई कर प्रतिदिन लगभग 50 से 100 ट्रिप मुरुम ट्रैक्टर और हाइवा में भरकर बेची जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर परिवहन कर रहे कई वाहनों के पास रॉयल्टी पर्ची उपलब्ध नहीं थी। पूछताछ करने पर यह बताया गया कि खनिज विभाग, बिलासपुर द्वारा रॉयल्टी जारी किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मुरुम से लदी हाइवा करगी कला क्षेत्र में खाली की जा रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बरसात के मौसम में इस खदान से खनन और परिवहन की विधिवत अनुमति दी गई है? यदि हां, तो किन नियमों और शर्तों के तहत?
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर खनन की वैधता, जारी रॉयल्टी, परिवहन दस्तावेजों और शासन को होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की जांच की मांग की है।
उठ रहे बड़े सवाल
– क्या बरसात के दौरान इस शासकीय मुरुम खदान से खनन की अनुमति है?
– यदि रॉयल्टी जारी हुई है, तो वाहनों के पास मौके पर रॉयल्टी पर्ची क्यों नहीं मिली?
– प्रतिदिन 50–100 ट्रिप मुरुम किसके आदेश पर निकाली जा रही है?
– करगी कला भेजी जा रही मुरुम का उपयोग किस कार्य में किया जा रहा है?
– क्या खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच करेगा?
