- बिलासपुर खाद्य शाखा और कोटा SDM कार्यालय पर आरोप, रतनपुर निवासी प्रदीप सिंह ठाकुर ने मांगी थी 12 दुकानों की जानकारी।
_बिलासपुर / रतनपुर:_
जिले में *सूचना का अधिकार अधिनियम 2005* को दरकिनार कर राशन दुकानों की गड़बड़ियों को छिपाने का खेल चल रहा है। *बिलासपुर खाद्य शाखा* और *अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय राजस्व कोटा* के जन सूचना अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने जानबूझकर RTI आवेदन को खारिज कर “प्रश्नवाचक” बता दिया, ताकि *उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में हुआ हेर-फेर* उजागर न हो सके।

*क्या है पूरा मामला*
रतनपुर वार्ड क्रमांक 4 निवासी *प्रदीप सिंह ठाकुर* ने RTI के तहत *बिलासपुर खाद्य शाखा* एवं *SDM कार्यालय कोटा* से क्षेत्र की *12 उचित मूल्य दुकानों* की वैधता, पंजीयन, आवंटन प्रक्रिया और संचालित सत्र के संबंध में जानकारी मांगी थी।
आवेदन के 30 दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दोनों कार्यालयों ने एक ही जवाब थमा दिया – _”आपकी जानकारी प्रश्नवाचक है, इसलिए नहीं दी जा सकती”_।
*”लाखों का घोटाला इसलिए छिपाया जा रहा” – प्रदीप सिंह ठाकुर*
प्रदीप सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि *”उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में बड़ा हेर-फेर हुआ है। महिला स्वयं सहायता समूहों के नाम पर फर्जी तरीके से दुकानें चलवाई जा रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर अपात्रों को आवंटन किया गया है।”*
उन्होंने कहा *”अगर सही जानकारी दे दी गई तो लाखों का घोटाला सामने आ जाएगा। इसी वजह से जन सूचना अधिकारी प्रमुख दस्तावेज देने से बच रहे हैं और मिलीभगत कर मामले को दबाया जा रहा है।”*
*24 जुलाई को कलेक्टर बिलासपुर को शिकायत*
इस पूरे मामले की लिखित शिकायत *प्रदीप सिंह ठाकुर* द्वारा *दिनांक 24 जुलाई 2026* को *कलेक्टर बिलासपुर* को सौंपी गई है।
शिकायत में उन्होंने मांग की है कि:
1. संबंधित *जन सूचना अधिकारियों पर RTI अधिनियम 2005 की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्रवाई* की जाए
2. *12 उचित मूल्य दुकानों* की सम्पूर्ण जानकारी अविलंब निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए
3. *खाद्य शाखा और SDM कार्यालय कोटा* की मिलीभगत की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
*पारदर्शिता पर सवाल*
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार एक ओर *”सुशासन और पारदर्शिता”* की बात करती है, वहीं दूसरी ओर RTI जैसे कानूनी अधिकार को ही “प्रश्नवाचक” कहकर टाल दिया जा रहा है। अगर आवंटन में सब कुछ सही है तो फिर जानकारी देने में इतनी आनाकानी क्यों?
अब सभी की नजरें *कलेक्टर बिलासपुर* की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और *राशन माफिया* का सच सामने आता है या नहीं।
