माइनिंग विभाग से ज्यादा मजबूत नेटवर्क रेत तस्करों का।
कोटा।छत्तीसगढ़ के कोटा में अवैध रेत खनन और परिवहन पर रोक लगाने के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। माइनिंग विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही रेत तस्करों को इसकी भनक लग जाती है, जिससे वे समय रहते अपनी गतिविधियां रोक देते हैं। अधिकारी जब तक मौके पर पहुंचते हैं, तब तक तस्करी पूरी तरह बंद हो चुकी होती है, और कुछ नहीं मिलता।
सूत्रों के अनुसार, रेत तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि उन्हें खनिज विभाग और पुलिस के छापे की जानकारी पहले ही मिल जाती है। प्रशासनिक अमले के पहुंचने से पहले ही नदी घाटों से रेत खनन बंद कर दिया जाता है, ट्रकों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया जाता है, और मजदूरों को हटा दिया जाता है। लेकिन जैसे ही अधिकारी वापस लौटते हैं, फिर से अवैध खनन शुरू हो जाता है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे खेल में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है, जो तस्करों को पहले से सूचना पहुंचाते हैं। नतीजतन, विभाग की कार्रवाई दिखावटी बनकर रह जाती है, जबकि अवैध रेत खनन और परिवहन बेरोकटोक जारी रहता है। यदि सरकार और प्रशासन वास्तव में इस पर लगाम लगाना चाहते हैं, तो उन्हें कठोर निगरानी, आधुनिक तकनीक और सख्त कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा, ताकि रेत माफियाओं के इस संगठित खेल पर रोक लगाई जा सके।
REG.NO.CG-02-0012501

