Artificial Intelligence (AI) को दिख रही कोटा क्षेत्र की बदहाली, जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं?
दो से पांच फीट के गड्ढों में तब्दील सड़कें, रोज हादसे का खतरा; चुनावी वादे हुए हवा-हवाई।
कोटा। कोटा विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कें अब लोगों के लिए जानलेवा मुसीबत बन चुकी हैं। NH केंदा से रतनपुर – (PMGSY) पंडरा-पथरा से कोटा – (PWD) दालसागर से बेलगहना, तथा बेलगहना से टेंगनमाड़ा, सड़क की हालत बेहद खराब है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए सफर लगातार जोखिम भरा बना हुआ है।
सवाल है कि जब क्षेत्र की बदहाल सड़कों की जानकारी Artificial Intelligence (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक को है, तो विधायक, सांसद और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं? चुनाव के समय सड़क, बिजली और पानी को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हालात आज भी जस के तस हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और दुर्घटना में घायलों को हो रही है। रतनपुर अस्पताल, कोटा और बिलासपुर अस्पताल तक पहुंचने में खराब सड़कें बड़ी बाधा बन रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय विधायक इन मार्गों से आवागमन करते हैं और सड़क की स्थिति से अनजान नहीं हो सकते। जनता ने उन्हें इसलिए चुना है कि वे क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा और सरकार तक मजबूती से पहुंचाएं।
वहीं, ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण के बजाय अधिकारी कार्यालयों तक सीमित हैं।
लोगों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जर्जर सड़कों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारों को जागने की नौबत न आए।
