बिलासपुर में “अभियान प्रहार” पर उठे सवाल, शराब कोचिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
बिलासपुर। जिले में एसएसपी रजनीश सिंह द्वारा चलाए जा रहे “अभियान प्रहार” के बीच अवैध शराब कारोबार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। थाना बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा निवासी भागवत कोसले पर बड़े पैमाने पर अवैध शराब बिक्री, कथित संरक्षण और पत्रकार पर हमले के आरोप लगाए गए हैं।

कई गांवों में नेटवर्क, रोजाना 20 पेटी से अधिक बिक्री का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार भागवत कोसले द्वारा उमरिया, बिल्हा, देवकिरारी, परसदा, महुदा सहित कई गांवों में अवैध शराब का संचालन किया जा रहा है। आरोप है कि प्रतिदिन 20 पेटी से अधिक शराब की बिक्री की जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी कई बार “ढाबा खोलने” का बहाना बनाकर मकान या जमीन किराए पर लेता है और बाद में वहां शराब बिक्री शुरू कर देता है, जिससे जमीन मालिक भी परेशान हैं।
आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल
इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि अवैध शराब का कारोबार इतना बड़ा है, तो इतनी अधिक मात्रा में शराब आखिर कैसे उपलब्ध हो रही है, और आबकारी विभाग इस पर नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रहा।
पत्रकार पर हमला और धमकी देने का आरोप
संवाददाता नीरज कुमार तिवारी द्वारा दिनांक 01/02/2026 को आईजी बिलासपुर, एसपी बिलासपुर, थाना प्रभारी बिल्हा, आबकारी अधिकारी छबिलाल पटेल, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं आबकारी मंत्री को शिकायत/सूचना दिए जाने की बात कही गई है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सूचना दिए जाने के बाद आरोपी ने कथित रूप से पत्रकार पर हमला किया तथा धमकी दी कि “पुलिस और आबकारी विभाग को मैं जेब में रखता हूं, जो उखाड़ना है उखाड़ ले।”
पुलिस कार्रवाई पर सवाल, मुख्य आरोपी अब भी पकड़ से बाहर
मामले में नया मोड़ तब आया जब बताया गया कि पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी के एक सहयोगी को उठाकर थाना लाया गया, हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर बताया जा रहा है। इससे आम जनता में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है या फिर वास्तविक रूप से अवैध शराब कारोबार पर सख्त प्रहार किया जाएगा।
अस्पताल के पास संचालित होने की बात, वीडियो उच्च अधिकारियों को भेजा गया
स्थानीय जानकारी के अनुसार आरोपी का कथित शराब ढाबा बिल्हा अस्पताल से लगभग 500 मीटर दूरी पर संचालित बताया जा रहा है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद इसे आईजी बिलासपुर, एसएसपी रजनीश सिंह, आबकारी विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई है।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस पूरे मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है, क्योंकि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अवैध शराब कारोबारियों के हौसले और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

