ग्राम पंचायत लूफा में गणतंत्र दिवस का गरिमामय आयोजन, सरपंच अनामिका मेश्राम ने किया ध्वजारोहण।
बेलगहना ब्लॉक रिपोर्टर प्रकाश यादव

बेलगहना लूफा। ग्राम पंचायत लूफा में 26 जनवरी को भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचायत भवन परिसर में विधिवत रूप से राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण संपन्न हुआ। ध्वजारोहण कार्यक्रम ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनामिका मेश्राम के करकमलों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत लूफा की सरपंच अनामिका मेश्राम, उपसरपंच रोशनी यादव, सचिव श्याम सिंह खुसरो, आवास मित्र सहित पंचायत के समस्त पंचगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। पूरे वातावरण में देशभक्ति के गीतों और जयघोष से उत्साह का संचार हुआ।
इस अवसर पर सरपंच अनामिका मेश्राम ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ, जिसने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उपसरपंच रोशनी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है। प्रत्येक नागरिक को संविधान की गरिमा बनाए रखते हुए समाज और ग्राम पंचायत के विकास में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया।
वहीं पंचायत सचिव श्याम सिंह खुसरो ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ लेने और पंचायत के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पंचगणों एवं कर्मचारियों ने भी राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का संकल्प लिया। अंत में “वंदे मातरम्” एवं “भारत माता की जय” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
ग्राम पंचायत लूफा में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी रहा, जिसने ग्रामीणों में देशप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक मजबूत किया।

